Monday, August 5, 2013
पित्त की पथरी के घरेलू उपचार
गॉल
ब्लाडर में पथरी बनना एक भयंकर
पीड़ादायक रोगहै। इसे पित्त
पथरी कहते हैं। पित्ताशयमें
दो तरह की पथरी बनती है। प्रथम
कोलेस्ट्रोल निर्मित पथरी।
दूसरी पिग्मेन्ट से
बननेवाली पथरी। जिसमें से लगभग
अस्सी प्रतिशत
पथरी कोलेस्ट्रोल तत्व से
ही बनती हैं l
पित्त लिवर में बनता है और
इसका भंडारण गॉल ब्लेडर में होता है।
यह पित्त वसायुक्त भोजन
को पचाने में मदद करता है। जब इस
पित्त में कोलेस्ट्रोल और
बिलरुबिन
की मात्रा ज्यादा हो जाती है,
तो पथरी निर्माण के लिये आदर्श
स्थिति बन जाती है।
घरेलू उपचार
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1- पित्त पथरी के रोगी भोजन में
अधिक से अधिक मात्रा में
हरी सब्जीयां और फल लें। इनमें
कोलेस्ट्रोल कम मात्रा में होता है
और यह प्रोटीन की जरूरत
भी पूरी करते हैं।
2- गाजर और ककडी का रस
को सौ मिलिलिटर की मात्रा में
मिलाकर दिन में दो बार पीने से
पित्त की पथरी में लाभ होता है।
3- नाशपती पित्त की पथरी में
फायदेमंद होतीहै, इसे खूब खायें।
इसमें पाये जाने वाले रसायनिक
तत्वों से पित्ताषय के रोग दूर होते
हैं।
4- सुबह खाली पेट पचास
मिली लीटर नींबू का रस पीने से
एक सप्ताह में लाभ होता है।
5- तली और मसालेदार चीजों से दूर रहें
और संतुलित भोजन ही करें।
6- शराब, सिगरेट,चाय,
कॉफी तथा शकर युक्त पेय
हानिकारक हैं।इनसे
जितना हो सके बचने की कोशिश
करें।
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